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इलाहाबाद

तीर्थ पुरोहितों को संगम क्षेत्र खाली करने का फरमान, “प्रयागराज कुम्भ” के आयोजन पर भी सवाल

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प्रयागराज के संगम क्षेत्र में हर साल आयोजित होने वाली माघ मेले की तैयारियों के बीच यहां होने वाले धार्मिक कृत्यों पर रोक लगाने का फरमान जारी हुआ है। साथ ही संगम आने वाले सभी तीर्थ यात्रियों और तीर्थ पुरोहितों को संगम क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया गया है।

संगम क्षेत्र खाली करने का यह निर्देश सेना द्वारा जारी किया गया है। सेना के इस फरमान से आस्था की संगम नगरी में हर साल होने वाले माघ मेले पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वहीं सेना के इस फरमान के बाद यहां हर 6 साल में आयोजित होने वाले कुम्भ और 12 साल में लगने वाले महाकुम्भ के आयोजन को लेकर भी अब लोगों के मन सवाल उठने लगा है।

आपको बता दे कि प्रयागराज में तीन नदियों का संगम होने कारण यहाँ की महत्ता पूरी दुनिया में है। दुनिया का सबसे बड़ा आस्था का मेला संगम क्षेत्र में होता है। यहां होने वाले कुम्भ और महाकुम्भ में देश दुनिया के करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं। साथ ही हर दिन लोग धार्मिक कृत्य करने घाटों पर पहुंचते हैं।

संगम में माघ मेले के आयोजन को अब कुछ ही महीने शेष हैं। कोरोनाकाल के कारण किसी तरह से माघ मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू होने पर विचार हो रहा है। ऐसे में सेना के इस फरमान से तीर्थ पुरोहितों के साथ आस्था से जुड़े लोगों को बड़ा झटका लगा है। हालांकि सेना के दिये निर्देश से शासन को अवगत कराने की प्रक्रिया तेज हो गयी है। उम्मीद की जा रही है कि सेना अपने निर्देश को वापस लेने पर विचार कर सकती है।

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