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लापरवाही ऐसी कि चूहों ने कुतर दिए थे 9 मिलियन पाउंड नोट, रखे रखे सड़ गयी जवाहरात से भरी लॉरी

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जानकर कर दंग जरूर हो गए होंगे लेकिन ये बिल्कुल सच है। हैदराबाद के सातवें निजाम मीर उस्मान अली खां 1911 से 1948 तक अपनी अकुल संपत्ति के लिए जाने जाते रहे।

एक रिपोर्ट के अनुसार हैदराबाद के निजाम के पास करीब 230 अरब डॉलर की कुल सम्पत्ति थी। जिसके कारण निजाम की गिनती पूरी दुनिया के चुनिंदा अमीरों में की जाती थी।

जिस समय निजाम हैदराबाद सल्तनत के शासक थे। उस समय देश की विभिन्न रियासतों पर अंग्रेजों का प्रभाव था। निजाम मीर उस्मान अली के पास 900 करोड़ रुपये का जैकब नामक हीरा था।

जिसका आकार शुतुरमुर्ग के अंडे के बराबर था। जैकब हीरा दुनिया का सातवां सबसे बड़ा हीरा है, जो साउथ अफ्रीका के किम्बर्ली खान में मिला था।

हालांकि वर्तमान में इस पर मालिकाना हक भारत का है। जानकर ताज्जुब होगा कि निजाम इतने महंगे हीरे का उपयोग पेपर वेट के तौर पर करते थे।

अंग्रेजों के डर से मीर उस्मान अली ने बेशकीमती जवाहरात और सोने की सिल्लियों से भरी लॉरी को महल के बगीचे में त्रिपाल के नीचा ढक कर रखी थी।

उसकी हिफाजत के लिए काफी सुरक्षा बल भी तैनात कर रखे थे, लेकिन उस खजाने का देखभाल ना हो सका। जिसके कारण कीमती जवाहरातों और सोने की सिल्लियों से भरी लॉरी खड़े खड़े सड़ कर खराब हो गयी।

निजाम के पास इतनी दौलत थी कि वो उसकी हिफाजत ही नहीं कर सके। ऐसा कहा जाता है कि निजाम ने अपने तहखाने में करीब 9 मिलियन पाउंड नोट रखा था। उसकी लापरवाही के चलते तहखाने में रखे पूरे नोट चूहों ने कुतर कर रख दिये।

खुद से बुने मोजे और फटे कुर्ते सील कर पहनते थे निजाम

एक रिपोर्ट के मुताबिक निजाम के पास करीब 100 मिलियन पाउंड के गहने थे। करीब 400 मिलियन पाउंड की अन्य कई कीमती धातुएं थीं। जिनकी कीमत वर्तमान में अरबों पाउंड की होंगी।

बावजूद इसके निजाम खुद से बने मोजे और फटे कुर्तों को खुद से सील कर पहनने लगे।जब कि उनकी आलमारी बेशकीमती कपड़ों से भरी थी। कहा जाता है कि गुजरते वक्त के साथ हो कंजूस भी होते चले गए। बुढ़ापे के समय तो वो बरामदे में जहां बकरी रहती थी वहां सोने लगे।

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