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जिसे PM मोदी जिताना चाहते थे अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, उसी ट्रंप समर्थकों ने अमेरिकी संसद में किया हमला, ताबड़तोड़ फायरिंग में चार की मौत, अब कांग्रेस हमलावर

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इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि भारत का प्रधानमंत्री दूसरे देश के चुनाव में ना केवल दखल देने पहुंचा बल्कि राष्ट्रपति चुनाव में प्रचार करते भी दिखा। बात भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा राष्ट्रपति बनाने का सपना देख रहे थे।

उनके सपनों पर ना केवल पानी फिर गया बल्कि उनकी पसंद और कूटनीति पर भी सवाल उठने लगा है। बता दें कि पीएम मोदी अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में अमेरिका में वोट की अपील कर रहे थे। यही नहीं भारत में भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए नमस्ते ट्रंप जैसे भव्य कार्यक्रम के लिए करोडो रुपये पानी की तरह बहा दिए।

उसी डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने बुधवार को अमेरिकी लोकतंत्र की हत्या करते हुए अमेरिकी संसद में धावा बोल ताबड़तोड़ फायरिंग कर 4 लोगों की हत्या कर दी। इस हमले में कई लोग घायल भी हो गए। डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों के इस हरकत से वहां के नागरिकों में काफी आक्रोश है। अमेरिकी इतिहास में पहली बार हुई इस हरकत को लेकर लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। 

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में शिकस्त के बाद भी बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थक हार मनाने को तैयार नहीं थे। डोनाल्ड ट्रंप लगातार चुनाव में धांधली होने का दबाव बना रहे थे। उनके समर्थको ने इसी सिलसिले में अमेरिकी संसद कैपिटल बिल्डिंग पर ही हमला बोल दिया।

उपद्रवियों ने अमेरिकी संसद में ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस हमले में एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई लोग घायल हो गए। ट्रंप समर्थकों की इस कायराना हरकत के बाद उने कई साथी और रिपब्लिकन सांसद भी उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग की जा रही थी। यहां तक की ट्रंप से जुडे कई अधिकारियों ने भी इस्तीफा दे दिया। हालांकि खबर है कि अब डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति का पदभार 20 जनवरी को बाइडेन को सौंपने की बात करते नजर आ रहे हैं।  

विपक्ष ने पीएम मोदी पर बोला हमला-:
अमेरिकी संसद में ट्रंप समर्थकों के इस हमले को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जबरदस्त हमला बोला है। अखिल भारतीय कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा देश होने का दावा करने वाले अमेरिकी संसद में जिस प्रकार से एक भीड़ उठ गई और सदन की कार्रवाई बाधित की।

अखिल भारतीय कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य प्रमोद तिवारी अपनी बेटी और यूपी विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा “मोना” के साथ

इतना ही नहीं पिस्टल लहरायी गई। ताबड़तोड़ फायरिंग हुई एक महिला की मौत हुई। इसकी निंदा जितनी की जाए उतनी कम है। हालांकि ये अमेरिका का अंदरूनी मसला है। हालंाकि ये समय है याद करने का जिस राष्ट्रपति ट्रप के भाषण के बाद उनके समर्थक पार्लियामेंट हाउस की मर्यादा को भंग कर रहे थे।

उसी ट्रप साहब को जिताने के लिए भारत के स्थापित विदेश नीति पंडित जवाहर लाल नेहरू की, इंदिरा जी की, राजीव जी की, अटल बिहारी वाजपेयी जी की पीएम मोदी ने उसे तोड़ कर अमेरिका गए। वहां जा कर नारा लगाया अगली बार ट्रप सरकार। मतलब ट्रंप को जिताओ ये भारतवासियों से अपील की। हमारी विदेश नीति नही है स्थापित कि हम कभी दूसरे देश के चुनाव में दखल नहीं देते।

प्रमोद तिवारी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि ट्रप समर्थकों ने जिस प्रकार से अमेरिकी संसद में किया उसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या उसकी निंदा करेंगे या खेद व्यक्त करेंगे। इसे लेकर उनसे कुछ मांगना भी बेकार है। हो सकता है वो खेद भी व्यक्त ना करें। जिस ट्रंप के कारण अमेरिकी लोकतंत्र की हत्या हुई। हमारे प्रधानमंत्री उसी ट्रंप का प्रचार करने के लिए गए थे। यही नहीं किया उन्होंने ट्रंप को भारत बुला कर नमस्ते ट्रंप किया गया। पीएम मोदी को इसके लिए अमेरिका से खेद व्यक्त करना चाहिए। इतना ही नहीं देश की जनता से भी उस हरकत के लिए खेद व्यक्त करना चाहिए।  

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