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इलाहाबाद

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर निर्माण के लिए 1989 में गांव गांव घूमी थी विहिप की टोली, हर घर से निकलता था एक वक्त का भोजन, केशव प्रसाद मौर्य थे विहिप के सक्रिय पदाधिकारी

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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की नींव पड़ने की तैयारी जोरशोर से चल रही है। राम मंदिर निर्माण के लिए पूरा खाका तैयार हो चुका है। भूमि पूजन 5 अगस्त को होना है। पीएम नरेंद्र मोदी सहित देश की दिग्गज हस्तियां इस भूमि पूजन में शिरकत करेंगी।

राम मंदिर निर्माण के लिए हुए संघर्ष का प्रयागराज मुख्य केंद्र रहा है। प्रयागराज की धरती से ही राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद के तत्कालिन अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल ने एक अभियान शुरू किया था। राम मंदिर निर्माण में देश के सभी हिन्दुओं को सहभागी बनाने के लिए सवा रुपये चंदे का अभियान शुरू किया।

लोगों में इस कदर उत्साह था कि लोग सवा रुपये से कहीं ज्यादा राम मंदिर निर्माण के नाम पर चंदा दे रहे थे। इसके साथ ही प्रत्येक गांव से एक एक पूजित श्रीरामशिला जमा करने का निर्णय लिया गया। यह अभियान गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों में चलाया गया।

देश का कोई ऐसा राज्य नहीं होगा जहां के गांव गांव में विहिप के कार्यकर्ता राम मंदिर निर्माण के लिए श्रीरामशिला और चंदा न इकट्ठा किये हों। अशोक सिंघल के नेतृत्व में प्रयागराज से शुरू हुए इस अभियान की पूरे देश में चर्चा रही। उस दौरान केशव प्रसाद मौर्य के साथ संघर्ष के साथी और वर्तमान में प्रयागराज में भाजपा पार्षद मनोज कुशवाहा ने बताया कि 1989 में प्रयागराज की धरती से उपजा विहिप का यह जनजागरण अभियान देश के कोने कोने में चला। उस दौरान वर्तमान के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य विहिप के सक्रिय पदाधिकारी की भूमिका में थे।

हिन्दू वर्ग के हर परिवार को अभियान से जोड़ने के लिए सामाजिक समरसता अभियान काफी अहम भूमिका में दिखा। विहिप के पास फंड का अभाव था। मनोज ने बताया कि बैठक में शामिल होने वाले पदाधिकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था करना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी थी। उस दौरान प्रयागराज में केशव प्रसाद मौर्य जब हिन्दू जनजागरण की बैठक करते तब एक दिन पहले ही कार्यकाओं को भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंप देते। भोजन के व्यवस्था के लिए केशव कार्यकर्ताओं को पॉलीथिन या थैला हाथ मे पकड़ाते। मनोज कुशवाहा ने बताया कि कार्यकाओं को भोजन लाने से पहले विहिप संरक्षक अशोक सिंघल के निर्देश को भी याद दिलाया जाता था। अशोक सिंघल का निर्देश था कि अभियान के दौरान “हिन्दू घर से ही खाना लाओ, चाहे वह किसी भी जाति का हो।” इस निर्देश के साथ ही एक हिन्दू घर से एक वक्त का भोजन लाने को भेज दिया जाता था। राम मंदिर के लिए संघर्षरत विहिप कार्यकाओं को भोजन देकर लोग भी खुद को हिन्दू जनजागरण का हिस्सा महसूस करते थे। फिर भोजन चाहे किसी ब्राह्मण के घर का हो या दलित के घर का। उसे पूरे सम्मान के साथ ग्रहण करते और अभियान में जुड़ जाते। इस तरह से विहिप का राम मंदिर के लिए शुरू किया गया हिन्दू जनजागरण अभियान हिन्दुओ के लिए काफी प्रेरक साबित हुआ।

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