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कोरोना वायरस

जीतने पर ना होगा जश्न, ना निकाल सकेंगे जुलूस, दो से ज्यादा लोग नहीं जाएंगे सर्टिफिकेट लेनेः चुनाव आयोग 

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कोरोना (Corona) के खतरे के बीच चुनावी कार्यक्रम (Election program) से नाराज मद्रास हाईकोर्ट ( Madras High court) की फटकार के बाद चुनाव आयोग (election commission) ने वोटों की काउंटिंग के दिन के लिए नया कोविड प्रोटोकॉल (covid protocol) का आदेश जारी किया है। कोविड प्रोटोकॉल के तहत अब जीत के जश्न पर रोक लगा दी गयी है। यह आदेश 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रख जारी किया गया है।

कोरोना के कारण देश में हालात बेकाबू हो चुके हैं। ऐसे में चुनावी कार्यक्रमों में कोरोना प्रोटोकाल की उडती धज्जीया को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को सोमवार को जबरदस्त फटकार लगायी थी।

हाईकोर्ट की फटकार के बाद चुनाव आयोग ने आदेश जारी किया है कि वोटों की काउंटिंग के दौरान या नतीजे आने के बाद किसी तरह का जुलूस नहीं निकाला जाएगा। साथ ही जश्न पर भी पूरी तरह प्रतिबंध होगा।

परिणाम आने के बाद कोई भी विजेता उम्मीदवार सिर्फ दो लोगों के साथ ही सर्टिफिकेट लेने जा सकेगा। आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने यह आदेश 2 मई को पांच राज्यों जिसमें तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, केरल, असम और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव परिणाम को ध्यान में रखकर जारी किया है। पश्चिम बंगाल में7 चरण के चुनाव हो चुके हैं। अंतिम चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होना है।

हाईकोर्ट ने काउंटिंग रोकने की दी थी चेतावनी

कोरोना के बिगड़ते हालात के बीच चुनावी कार्यक्रम से नाराज मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाते हुए काउंटिंग शेड्यूल रोकने की चेतावनी दी थी।

चीफ जस्टिस ने तो यहां तक कह दिया था कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है। आयोग 2 मई को काउंटिंग के दिन के लिए कोविड प्रोटोकाॅल बनाये और उस प्रोटोकाॅल का पालन हो। अगर ऐसा नहीं होता तो हम काउंटिंग शेड्यूल को रोकने पर मजबूर हो जाएंगे।

वोट काउंटिंग को लेकर हाईकोर्ट की प्रमुख टिप्पणी

कोरोना की दूसरी लहर काफी घातक है। ऐसे में काउंटिंग के दिन को लेकर हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को टिप्पणी करते हुए कहा कि आप इसे सुनिश्चित कीजिए कि काउंटिंग के दिन कोविड प्रोटोकाॅल पर अमल हो।

किसी भी प्रकार राजनीतिक या गैर राजनीतिक वजह से काउंटिंग का दिन कोरोना के मामलों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार ना हो। हाईकोर्ट का कहना है कि या तो काउंटिंग तरीके से हो या उसे टाल दिया जाए।

लोगों की सेहत सबसे अहम है। जब नागरिक जिंदा रहेंगे तभी वे उन अधिकारों का इस्तेमाल कर पाएंगे, जो उन्हें लोकतंत्र में मिले हैं। वर्तमान हालात जिंदा रहने और लोगों को बचाए रखने के लिए हैं, दूसरी सारी चीजें इसके बाद आती हैं।

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