Connect with us

उत्तरप्रदेश

Twitter से डरी सरकार, कहा ट्विटर हटा लें किसान आंदोलन हैशटैग tweet, नतीजे भुगतने की चेतावनी

Published

on

खबर शेयर करें

Twitter हैंडल पर किसान आंदोलन इस बीच काफी ट्रेंड कर रहा है। कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा। किसानों के आंदोलन को सोशल मीडिया (Social media)  पर भी लोगों का काफी समर्थन मिल रहा है।

Twitter पर किसानों के विरोध से जुड़े कंटेंट और अकाउंट काफी तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। केंद्र सरकार इससे काफी डर गई है। सरकार को अब सड़कों पर किसानों के विरोध से ज्यादा ट्विटर पर सरकार के खिलाफ छिड़े आंदोलन से डर लगने लगा है।

यही वजह है कि सरकार ने ट्विटर को अपने प्लेटफार्म से किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े कंटेंट और अकाउंट को हटाने को कहा है। आम आदमी पार्टी ने इस कर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार को किसानों के प्रदर्शन से इतना ज्यादा डर लग रहा है।

वहीं सरकार ने ट्विटर को चेतावनी तक दे डाली है कि अगर सरकार के आदेश का पालन नहीं हुआ तो उसके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी। सरकार का कहना है कि ट्विटर ने किसान आंदोलन से जुड़े अकाउंट को उसके आदेश के बाद भी चालू रखा है।

सरकार ने इसके पीछे तर्क दिया है कि ट्विटर पर शेयर किए जा रहे कंटेंट से कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसलिए ट्विटर को ऐसे कंटेंट और अकाउंट पर रोक लगानी चाहिए। सरकार इसके लिए आदेश जारी कर चुकी है।

आपको बता दें कि इसके पहले सोमवार को ट्विटर ने ऐसे 250 अकाउंट बन्द किये थे जिन्होंने #ModiPlanningFarmerGenocide हैशटैग के साथ ट्वीट किया गया था। इसके साथ ही ऐसे अकाउंट के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी जो आंदोलन को भड़काने का काम कर रहे थे।

हालांकि देर रात उन्हें बहाल कर दिया था। ट्विटर के इस हरकत से सरकार ने बौखला गयी है। सरकार ने इसे गम्भीरता से लेते हुए 18 पेज का ट्विटर को नोटिस भेजा है। साथ ही निर्देश का पालन नहीं करने पर परिणाम भुगतने को भी कहा है।

दरअसल 26 जनवरी को किसानों और पुलिस के बीच ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में जबरदस्त हिंसक झड़प हुई थी। हिंसा की घटना के बाद किसानों ने इस शनिवार को देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया है। 26 जनवरी के बाद अब किसानों का ये आह्वान सरकार के लिए सिर दर्द बन गया है।

Advertisement
Advertisement

Trending