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New Education Policy 2020: देश में नई शिक्षा नीति लागू, जानिए नई शिक्षा नीति में खास? समझिए शिक्षा नीति के 5+3+3+4 डिजाइन को

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भारत में बुधवार को नई शिक्षा नीति (New Education Policy 2020) लागू हर दी गयी। केंद्रीय कैबिनेट की ओर से नई एजुकेशन पाॅलिसी (NEP 2020) को मंजूरी देने के साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) का नाम भी बदल दिया गया। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय (Education Ministry) के नाम से जाना जाएगा।

भारत सरकार नई शिक्षा नीति के तहत पूरी शिक्षा व्यवस्था को बदलने की तैयारी में है। नई शिक्षा नीति में भारतीय परंपराओं का पूरा ध्यान दिया जाएगा। यह 21वीं सदी के अनुरूप होगा। ताकि आने वाले समय में देश को एक नई दिशा मिल सके। नई नीति के लिए हर राज्य में स्वतंत्र नियामक प्राधिकरण तैयार किए जाएंगे। इनका कार्य राज्यों में शिक्षा के स्तर और नियमों को लागू करवाना होगा। बुधवार को गठित शिक्षा नीति में एक राष्ट्रीय शिक्षा आयोग बनाने का प्रास्ताव भी है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करेंगे।


नई शिक्षा नीति के प्रावधान


नई शिक्षा नीति के तहत 3 से 18 साल तक के बच्चों के लिए शिक्षा अनिवार्य होगी। प्राइमरी शिक्षा को लेकर भी नई व्यवस्था व नीति तय होगी। छात्रों के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार होगा। इसके लिए प्रस्ताव भी रखा गया है। 3 से 18 साल तक के छात्रों के लिए 5+3+3+ 4 माॅडल तय किया गया है। इस माॅडल के तहत प्राइमरी शिक्षा के लिए 5 साल का प्रोग्राम निर्धारित किया गया।

जिसके तहत 3 साल तक प्री प्राइमरी और पहली और दूसरी कक्षा को शामिल किया गया है। अगले स्टेज में कक्षा 3, 4 और 5 को रखा गया है। इसके अगले स्टेज में कक्षा 6, 7 और 8 को शामिल किया गया है। जबकि आखिरी स्टेज में कक्षा 9, 10, 11 और 12 को रखा गया है।


स्थानीय भाषा का प्रावधान


दरअसल बच्चे दो से आठ साल के अंदर स्थानीय भाषा को बोलने और समझने में पारंगत हो जीते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषा के साथ तीन अलग-अलग भाषाओं में शिक्षा देने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि यह 1968 की शिक्षा नीति में लागू है। इसके अलावा छात्रों को वोकेशनल सब्जेक्ट्स, स्पोर्ट्स, ह्यूमैनिटीज, आर्ट्स, साइंस में ज्यादा छूट होगी।

साथ ही छात्रों को मनपसंद विषय चुनने का भी प्रावधान है। नई नीति में कक्षा 6वीं से 8वीं तक तीन साल तक शास्त्रीय भाषा सिखाने का भी प्रावधान है। इसके अलावा सरकारी हों या प्राइवेट स्कूल सभी में 6वीं से 8वीं के बीच दो साल तक लैंग्वेज कोर्स भी सुनिश्चित किया गया है। शिक्षा में फिजीकल एजुकेशन की अनिवार्यता के साथ साथ सभी छात्रों के लिए स्कूल में खेल, डांस, योगा, गार्डनिंग, मार्शल आर्टस सहित अतिरिक्त एक्टिविटीज को भी शामिल किया गया है। 

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