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पंचायत चुनाव

UP Panchayat Election: अगर आप हैं अंगूठा टेक तो नहीं लड़ सकेंगे चुनाव! इन बिन्दुओं पर हो रहा विचार

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Uttar Pradesh Panchayat Chunav: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है। राजनीति के इस छोटे अखाड़े में शिक्षित और अशिक्षित सभी ताल ठोकने को बेकरार है। पंचायत चुनाव की बढ़ती सरगर्मी के बीच इस बात की भी चर्चा भी तेज है कि अंगूठा टेक लोगों को पंचायत चुनाव लड़ने से दूर रखा जाए।

मतलब शिक्षित लोगों को ही चुनाव लड़ने के अधिकार पर विचार हो रहा है। दरअसल इसके पीछे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार और विकास कार्यों में शिक्षितों को सहभागी बनाने का तर्क दिया जा रहा है।

अगर ऐसा हुआ तो किसी अंगूठा टेक व्यक्ति का प्रधान, ब्लॉक प्रमुख अथवा जिला पंचायत अध्यक्ष व प्रतिनिधि बन पाना संभव नहीं होगा। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए हरियाणा, राजस्थान और उड़ीसा जैसे राज्यों की पंचायत निर्वाचन प्रक्रिया का अध्ययन किया जा रहा है।

आपको बता दें कि इन राज्यों में ग्राम पंचायत सदस्य व प्रधान से लेकर क्षेत्रीय व जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव लड़ने वालों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। इन राज्यों में अलग-अलग पदों के लिए कक्षा आठ से लेकर इंटरमीडिएट अर्हता अनिवार्य है। 

ये दिया जा रहा है तर्क-:
– पंचायत स्तरीय चुनाव में अशिक्षित प्रत्याशियों को चुनाव के लिए अयोग्य बनाने के पीछे कई तर्क दिए जा रहा हैं। ऐसा माना जा रहा है कि पंचायतों की बदली व्यवस्थाओं में निर्वाचित प्रतिनिधियों का शिक्षित होना जरूरी है। 

– अशिक्षित प्रधान या अन्य प्रतिनिधि होने के कारण वार्षिक विकास योजना तैयार कराने व विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित करने में कई तरह की मुश्किलें आती हैं। 

– वित्तीय खातों के संचालन में भी कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। अशिक्षित ग्राम प्रधान होने पर पंचायत सचिवों के भरोसे ही सभी व्यवस्थाएं चलती हैं। ऐसे हालात में वित्तीय अनियमितताओं की संभावना बनी रहती है।  

26 दिसम्बर से ग्राम प्रधानों का कार्यभार संभालेंगे सहायक विकास अधिकारी-:
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसम्बर को समाप्त हो रहा है।  26 दिसंबर को ग्राम प्रधानों का कार्यभार सहायक विकास अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार चुनाव अपने निर्धारित समय पर नहीं हो पाया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मार्च 2021 तक पंचायत निर्वाचन प्रक्रिया शुरू करने का संकेत जरूर दिया है। 

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