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उत्तरप्रदेश

PMGSY: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में घटिया सामग्री का उपयोग, फर्म ब्लैक लिस्टेड, 4 जिलों के अभियंताओं पर भी गाज

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Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana: उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के साधारण सभा की बैठक आज गुरुवार को लखनऊ में हुई। बैठक में ग्राम विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह’ ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 (Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana) के तहत बनने वाली सभी सड़कों को गुणवत्ता के साथ बनाने तथा अनुरक्षणाधीन सड़कों को तत्काल गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि PMGSY-3 के बैच-1 में स्वीकृत 898 मार्ग, 6287.37 किमी0 सड़कें निर्धारित समय-सीमा में पूरा की जाय। ग्राम्य विकास मंत्री गुरूवार को उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण ( Uttar Pradesh Rural Road Development Agency) की सधारण सभा की 9वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

ग्राम्य विकास मंत्री प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रतापगढ़ (Pratapagadh) में खराब सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार को पीएमजीएसवाई (PMGSY) के कार्यों से विरत करते हुए ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही एफआईआर (FIR) दर्ज करने के निर्देश मुख्य अभियन्ता, पीएमजीएसवाई-सेल, लोक निर्माण विभाग ( Public Works Department) को दिये।

मंत्री मोती सिंह ने सड़कों की वास्तविक स्थिति की जानकारी के लिए औचक निरीक्षण करने तथा अभिकरण द्वारा विशेष टीम बनाकर मार्गों की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिये। उन्होंने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग होने पर फर्म को ब्लैक लिस्ट करते हुए वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधोमानक गुणवत्ता वाले कार्यों से सम्बन्धित ठेकेदारों की फर्म को ब्लैक लिस्ट करते हुए फर्म के सभी पार्टनर को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया जाये। उन्होंने ब्लैक लिस्ट किये गये फर्मों/पार्टनर्स की सूचना प्रदेश के सभी विभागों को प्रेषित करने के निर्देश दिये।

लोक निर्माण विभाग द्वारा बताया गया कि 4 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट/डिबार किया जा चुका है तथा 16 पैकेजों से संबंधित 14 ठेकेदारों के विरूद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार जमानत धनराशि जब्त करने की कार्यवाही की गयी है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निदेशक ने बताया कि कुल 82 ठेकेदारों को डिबार तथा एक को ब्लैक लिस्ट किया गया है।

ग्राम्य विकास मंत्री ने अभिकरण कार्यालय द्वारा अभियन्ताओं के विरूद्ध प्रेषित पत्रों पर किसी प्रकार की कार्रवाई न होने पर लोक निर्माण विभाग तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों पर रोष प्रकट करते हुए प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग तथा प्रमुख सचिव ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को तत्काल दोषी अभियन्ताओं पर कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि यह दोषियों पर कार्यवाही न करना विभागीय हित में नहीं है इसलिए भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न बरती जाय। ग्राम्य विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों में घोर लापरवाही बरतने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए जनपद हरदोई, प्रतापगढ़, चंदौली व सोनभद्र के पीआईयू के अभियन्ताओं पर कार्रवाई करने के निर्देश दोनों कार्यदायी विभागों के प्रमुख सचिवों को दिए।

ग्राम्य विकास मंत्री द्वारा नयी तकनीक से बनने वाली सड़कों की जानकारी ली गयी तथा निर्देश दिये गये कि न्यू टेक्नोलाॅजी के अन्तर्गत सड़क निर्मित कर अन्य प्रदेशांे के लिए माॅडल के रूप में प्रदर्शित की जाए। ग्राम्य विकास राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल ने ने बलिया में पैकेज संख्या-1088 पर हुए घटिया निर्माण कार्य की जांच विशेष टीम से कराने तथा जांचोपरान्त दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव ग्रामीण अभियंत्रण विभाग कल्पना अवस्थी, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास के0 रविन्द्र नायक, मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुजीत कुमार, विशेष सचिव ग्राम्य विकास अवधेश तिवारी, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी ब्रजेश त्रिपाठी, मुख्य अभियन्ता यूपीआरआडीए ब्रजेश दूबे, निदेशक एवं मुख्य अभियन्ता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ब्रजेन्द्र कुमार, प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग एके जैन सहित संबंधित अधिकारी व अभियन्तागण उपस्थित थे।

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