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उत्तरप्रदेश

ग्राम विकास मंत्री सड़क निर्माण में लापरवाही से नाराज, दिया सड़कों की जांच के आदेश

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उत्तर प्रदेश के ग्राम विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह’ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान प्रतापगढ़, बांदा तथा महोबा में किये गये सड़क निर्माण कार्य पर गहरा असंतोष जताया। उन्होंने तीनों जिलों के अधिशासी अभियन्ताओं को सख्त चेतावनी दी और कार्यों में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिये।

मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ने जनपद प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्मित चिलबिला से मधुपुर की सड़क की जर्जर स्थिति का उदाहरण देते हुए प्रतापगढ़ की समस्त सड़कों की जांच लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियन्ता को करने के निर्देश दिए। साथ ही महोबा की समस्त सड़कों की जांच उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियन्ता को करने का निर्देश दिये।

मंत्री मोती सिंह आज यहां गन्ना किसान संस्थान स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अभियन्ताओं के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियन्ताओं तथा अधीक्षण अभियन्ताओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए सख्त निर्देश देते हुए PWD और RED के मुख्य अभियन्ताओं से कहा कि सड़के गड्ढामुक्त हों अन्यथा संबंधित पीआईयू के अधिशासी अभियन्ताओं पर सख्त कार्रवाई होगी।

ग्राम विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लोक निर्माण विभाग तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा पीएमजीएसवाई के कार्यों में धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते प्रमुख अभियन्ता, लोनिवि तथा निदेशक एवं मुख्य अभियन्ता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को कार्यों मंे गति लाने का निर्देश दिया।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के मुख्य अभियन्ताओं को पीआईयू में रिक्त चल रहे पदों को तत्काल भरने का निर्देश दिया। अपर मुख्य सचिव, ग्राम्य विकास विभाग श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पीएमजीएसवाई-3 में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 9000 कि0मी0 सड़क बनाने का लक्ष्य है, जिसमें नई तकनीक से 2000 किमी0 सड़कों का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने पी0आई0यू0 के समस्त अभियन्ताओं से पीएमजीएसवाई के कार्यों को प्राथमिकता से सम्पादित करने के निर्देश भी दिए।

उन्होेंने पीएमजीएसवाई-3 के अभियन्ताओं से कहा कि इस कार्य को प्राथमिकता पर, पीरियाडिक रिन्यूवल के तहत स्वीकृत कार्यों का बांड बनाकर 15 दिनों में सभी सडकों पर कार्य शुरू करें। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों के अधीक्षण अभियन्ताओं द्वारा बांड बनाने में हीलाहवाली की जा रही है, उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जायेगी।

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-1, 2 और RCPLWEA कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, समस्त अनुरक्षणाधीन मार्गों पर गड्ढामुक्ति, एनक्यूएम/एसक्यूएम के लम्बित निरीक्षण रिपोर्ट के ए0टी0आर0 की स्थिति, पीरियाडिक रिन्यूवल के कार्यों, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 के तहत प्रेषित प्रस्तावों और बैच-2 के तहत लक्षित प्रस्तावों, नई तकनीक के तहत प्रस्तावित किये गये कार्यों पर चर्चा की गयी।

समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुजीत कुमार, अपर आयुक्त योगेश कुमार, मुख्य अभियन्ता यूपीआरआरडीए आबीके राकेश सहित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पीडबल्यूडी और आरईडी के मुख्य अभियन्ता तथा निदेशक उपस्थित थे।

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